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    राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम वर्ष 2007-08 में भारत के 21 राज्यों के 42 जिलो में पायलेट परियोजना के रूप में प्रारम्भ किया गया। सर्वप्रथम राजस्थान के 2 जिलों जयपुर व झुंझुनू को सम्मिलित कर गतिविधियाँ प्रारम्भ की गयी। वर्ष 2015-16 में जयपुर, झुन्झुनू के अतिरिक्त अजमेर, टॉक, चूरू, उदयपुर, राजसमन्द, चित्तौडगढ, कोटा, झालावाड, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, अलवर, जैसलमेर, पाली, सिरोही, श्रीगंगानगर जिले (कुल 17 जिले) योजनान्तर्गत सम्मिलित किये गये ।

 

 

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्य उपलब्धियां:-

 

  1. राज्य के सभी जिलो में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय एवं स्टेयरिंग समिति का गठन कर जिला स्तर पर तम्बाकू नियंत्रण कानून की क्रियान्विति की समीक्षा की जा रही है।
  2. सभी जिलों में महिने के अंतिम दिन तम्बाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जा रहा है तथा विक्रेताओं को तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर तम्बाकू उत्पादों की बिक्री नही करने के लिये लगातार प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान के सभी जिलों में उत्साहवर्धक परिणाम भी मिल रहे हैं। अधिकतर तम्बाकू विक्रेताओं के द्वारा तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर तम्बाकू उत्पादों की बिक्री नही की जा रही हैं।
  3. राज्य में खुली सिगरेट की बिक्री को प्रतिबन्धित कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है ताकि नाबालिगो को तम्बाकू उत्पाद सहजता से उपलब्ध नही हो पायें।
  4. राज्य में तम्बाकू उत्पाद के प्रयोग में कमी लाने के लिए तम्बाकू मुक्त शपथ युक्त रक्षा बन्धन पर्व सभी जिलों में आयोजित कर संकल्प पत्र भरवाये गये। जिला स्तर से प्राप्त हुये संकल्प पत्रों में से ड्रॉ निकालकर 10 बहनों को पुरूस्कृत किया गया। अभियान अंतर्गत लगभग 3ण्5 लाख लोगों के द्वारा तम्बाकू उत्पादों का उपभोग नही करने के संकल्प पत्र भरे गये।
  5. जयपुर, झुन्झुनू चूरूए अजमेरए एवं टोंक जिलों में पब्लिक हैल्थ फाउण्डेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श सेवा प्रारम्भ करने के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किये गये हैं जिसके अन्तर्गत सीएचसी/पीएचसी स्तर पर लगभग 200 चिकित्सकों को तम्बाकू मुक्ति उपचार प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित कर दिया गया है।
  6. सभी शिक्षण संस्थाओं को तम्बाकू मुक्त घोषित करने की कार्यवाही की जा रही है।
  7. राज्य में तम्बाकू उपभोगकर्ताओं को तम्बाकू मुक्ति हेतु परामर्श के लिए टोल फ़ी हेल्पलाईन 104 के माध्यम से परामर्श दिया जा रहा है। दिसंबर 2015 तक लगभग 8000 उपभोगकर्ताओं को तम्बाकू मुक्ति हेतु परामर्श दिया गया।
  8. राज्य के सभी 33 जिलो में सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम अन्तर्गत पुलिस थाना स्तर तक कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। अधिनियम की धारा 4 5 6 7 के अन्तर्गत लगभग 30,000 (तीस हजार) चालान काटकर राजकोष में लगभग 30 लाख की राशि जमा करवा दी गयी है।
  9. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसो पर तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापनों को निषिध किया गया है।
  10. राज्य में डेयरी बूथ पर तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबन्ध हेतु आरसीडीएफ के स्तर से प्रक्रियाधीन है।

 

राज्य में तम्बाकू उपभोग का स्तर:-

  भारत                                       
राजस्थान
कुल तम्बाकू उपभोगकर्ता      
34.6 प्रतिशत (47.9 प्रतिशत पुरूष तथा महिला 12.9 प्रतिशत )             32.3 प्रतिशत (50.5 प्रतिशत पुरूष तथामहिला 20.3)
धुम्रपानकर्ता जैसे बीडी, सिगरेट, हुक्का आदि का सेवन करने वाले।   8.7 प्रतिशत  (15.0 प्रतिशत पुरूष तथा   महिला 1.9)                                                                            
13.4 प्रतिशत(218 प्रतिशत पुरूष तथा महिला 4.8)   
चबाने वाले तम्बाकू उत्पाद के उपभोगकर्ता जैसे खैनी, जर्दा,पानमसाला आादि           206 प्रतिशत (23.6 प्रतिशत पुरूष तथा महिला 173)                                 
13.5 प्रतिशत (190 प्रतिशत पुरूष तथा महिला 7.3 प्रतिशत)      
तम्बाकू उपभोग से होने वाली मृत्यु लगभग 10 लाख प्रतिवर्ष    लगभग 50 हजार प्रतिवर्षं  
तम्बाकू उपभोग से आर्थिक नुकसान 1,04,500 करोड प्रतिवर्ष  (वर्ष 2011 का अनुमान (वर्ष 2011 का अनुमान, WI WHO रिपोर्ट) 1160करोड प्रतिवर्षं (वर्ष 2011 का अनुमान, WI WHO रिपोर्ट)
प्रमुख कैंसर 90 प्रतिशत मुँह के कैंसर
 

90 प्रतिशत फेफड़ों के कैंसर