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    स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से केन्द्रीय प्रवर्तीत योजनान्तर्गत यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमे भारत सरकार द्वारा सामग्री, औजार, उपकरण एवं स्वयं सेवी संगठनों को मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु  अनुदान राशि केन्द्रीय सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा 75:25 के अनुपात मे वहन करती है।

 

    राष्ट्रीय अन्धता नियंत्रण कार्यकम का प्रमुख उद्देश्य राज्य में अंधता के 2.24 प्रतिशत (1976) को घटा कर 0.34 प्रतिशत लाना है। वर्तमान में राज्य में अंधता की दर 1% है।

 

विभाग के महत्वपूर्ण कार्यक्रम

 

1. मोतियाबिन्द ऑपरेशन:-

    राज्य के मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों, स्टेटिक सेन्टर्स, अनियतकालीन शिविरों, एन0जी0ओ0/निजी चिकित्सक तथा आई मोबाईल यूनिट्स के माध्यम से मोतियाबिन्द ऑपरेशन किये जाते हैं। यह ऑपरेशन सूदूर गाँवों में उनके घर के नजदीक हो सकें, इसके लिये प्रत्येक जिले में एमआरएस को कैम्प लगाने की अनुमति दे दी गई है। राज्य में 85 एन.जी.ओ. को निःशुल्क मोतियाबिन्द ऑपरेशन करने हेतु अधिकृत किया गया है। मोतियाबिन्द ऑपरेशन हेतु रू 1000/- प्रति ऑपरेशन की दर से अनुदान राशि दी जाती है।

 

वर्ष 
नेत्र ऑपरेशन हेतु लक्ष्य    किये गये मोतियाबिंद नेत्र ऑपरेशन    लक्ष्य का प्रतिशत   नेत्र शिविरों की संख्या  
2013-14 3,00,000 225454 75.15 1869
2014-15 3,00,000 230154 76.12 1568

2015-16

Up to Dec. 15

3,00,000 155641 51.88 1151

 

2. अन्य नेत्र सम्बन्धी बीमारियां:-

    स्वंय सेवी संस्थाओं द्वारा संचालित प्राईवेट अस्पतालों में आँखों की अन्य मुख्य बीमारियों की चिकित्सा में प्रोत्साहन हेतु भारत सरकार द्वारा डायबिटिक रेटिनोपैथी केस रू0 1500/- ग्लूकोमा रू0 1500/– लेजर टैक्निक व कोर्नियल ट्रान्सप्लान्टेशन रू0 5000/- विक्ट्रो रू0 5000/- तथा चाइल्ड ब्लाइण्डनेस रू0 1500/- देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए स्वंय-सेवी संस्थाओं व प्राईवेट अस्पतालों के माध्यम से उक्त योजना का लाभ आमजन को देने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

3. आई बैंक सेवायें:-

    सरकारी क्षेत्र में 4 आई बैंक कार्यरत है एवं गैर सरकारी क्षेत्र में पांच आई बैंक कार्यरत है। बैंक को प्रति नेत्र जोड़े के संग्रहण पर राशि रूपये 2000/- की अनुदान राशि भारत सरकार द्वारा दी जाती हैं।

 

 

वर्ष
लक्ष्य   कुल नेत्र संग्रहण   प्रतिशत केरेटोप्लास्टी   अनुसन्धान में ली गई आँखें   अन्य गतिविधियाँ  
2013-14 2100 1313 62.52 512 244 557
2014-15 2100 1367 65.09 558 201 608

2015-16

Up to Dec. 15

2100 800 38.09 472 95 233
  • अन्य गतिविधियाँ = Th. Keretoplasty + Eye send to other Bank + Eyes Units for use.

 

4. स्कूली बच्चों को चश्माः-

    सरकारी स्कूलों में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की दृष्टिजांच कर दृष्टिदोषित बच्चों को चश्म वितरण किया जाता है। स्कूल आई स्क्रीनिंग का कार्य रजिस्टर्ड एनजीओं के माध्यम से जिलों में  किया जाता है। जहां पर रजिस्टर्ड एनजीओं कार्य नहीं कर रहें है वहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नेत्र सहायकों के माध्यम से कार्य सम्पादित करवाया जाता हैं।

वर्ष   जांच किये गये बच्चो की संख्या    रेफ्रेक्टिव एरर   वितरित किये गये चश्मों का विवरण  
लक्ष्य उपलब्धि प्रतिशत
2013-14 246703 256554 33000 14744 44.68
2014-15 236797 21049 33000 19460 58.97

2015-16

Up to Dec.14

149200 14920 33000 13528 40.99

 

 

5. ट्रेनिगः-

    राज्य में ऑपथेल्मिक सर्जन्स, पैरा मेडिकल स्टाफ को नेत्र सम्बन्धी नवाचारों से अवगत कराने हेतु ट्रैनिंग कार्यक्रम संचालित किये जाते हैं। भारत सरकार द्वारा नेत्र विशेषज्ञों को एसआईसीएस/ फैको/ईसीसीई/ग्लूकोमा/आई बैकिंग एण्ड कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन/इनडाईरेक्ट ऑपथेम्लोजी/ विजन आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस वर्ष 16 नेत्र चिकित्सकों को फेको व अन्य प्रशिक्षण दिलवाये जा चुके है।

 

6. प्रचार-प्रसार कार्यक्रमः-

    राज्य में नेत्रदान का प्रोत्साहन करने एवं नेत्रों के प्रति सजगता के लिये प्रचार-प्रसार का द समाचार पत्रों, रैली आयोजन, संगोष्ठियों आदि के माध्यम से किया जाता है।

            *प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के द्वितीय गुरूवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता हैं।

            *8 मार्च से 14 मार्च तक ग्लूकोमा सप्ताह मनाया जाता है।

            *इस वर्ष नेत्रदान पखवाड़ा (25 अगस्त से 8 सितम्बर तक) मनाया गया।

 

    इसके अतिरिक्त जिला अस्पतालों पर नेत्र दान संबंधी फ्लेक्स सीट (होर्डिंग के लिए) भिज सभी मेडीकल कॉलेजों में प्रर्दशनी भी आयोजित की गई थी।