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राष्ट्रीय बहरापन नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम वर्ष 2006-07 में 10 राज्यों के 25 जिलो में प्रारम्भ हुआ। राजस्थाम में इस कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2014-15 में 12 जिलो के लिए बजट स्वीकृत हुआ। कार्यक्रम का संचालन वर्ष 2015-16 में प्रारम्भ हुआ।

 

उद्येश्य -

  • बिमारी अथवा चोट के कारण होने वाली श्रवण क्षमता की कमी की रोकथाम ।
  • श्रवण क्षमता को कम करने वाली कान की समस्याओं की शीघ्र पहचान एवं उपचार करना।
  • बहरापन से पीड़ित समस्त लोगो का पुर्नवास।
  • यंत्र सामग्री एवं ट्रेनिंग देकर संस्थागत क्षमता का विकास ।

 

वर्ष 2014-15 में कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृत एवं कार्यरत एवं रिक्त पद -

क्र.सं.  पद स्वीकृत   कार्यरत रिक्त
1 सलाहकार 1 1 0
2 कार्यक्रम सहायक 1 1 0
3 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर 1 1 0
4 एनटी सर्जन 12 0 12  
5 ऑडियोलोजिस्ट 12 3 9
6 ऑडियोमेट्रीक असिसटेन्ट 12 8 4
7 इन्सट्रक्टर 12 9 3

 

कार्यक्रम का वर्ष 2015–16 का विवरण -

कार्यक्रम के अन्तर्गत समस्त गतिविधियां वर्ष 2015.16 से प्रारम्भ की गयी है। जबकि इस वर्ष के लिए कार्यक्रम को बजट प्राप्त नहीं है।

जिलावार गतिविधियों का विवरण –

 

अलवर-

        1. काउन्सलिंग

        2. विकलांगता प्रमाण पत्र पंजीकरण

        3. ईएनटी ओपीडी में पंजीकरण

 

 

भरतपुर-

  जुलाई 2015  अगस्त 2015 सितम्बर 2015 अक्टूबर 2015 नवम्बर 2015     
एच आई रोगी 23 46 50 30 40  
स्पीच थेरेपी 06 22 13 22 12
कांउसलिंग 20 45 40 50 30

 

 

भीलवाडा –

        1. ईएनटीसर्जन के निर्देशानुसार ऑडियोग्राम बनाना।

        2. स्पीच थैरेपी देना एवं फोलो अप करना।

        3. ऑडियोमेट्री करना एवं विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करना।

        4. सर्व शिक्षा अभियान के केंप में भागीदारी। 

        5. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के कॅप में भागीदारी।

 

बारां –

        1. सर्व शिक्षा अभियान के कॅप में भागीदारी।

        2. पीएचसी पर स्वास्थ्य कॅप ।

        3. ब्लॉक वाइज रोगियों की पहचान ।

 

बासंवाडा -

        1. स्पीच थैरेपी प्रदान करना।

        2. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कॅप में भागीदारी

        3. प्राथमिक स्कूल में विकलांगता कॅप, पंजीयन एवं स्पीच थैरेपी देना।

        4. मासिक चिकित्सक मिटिंग भागीदारी।

        5.अभिभावको की भागीदारी।

 

बीकानेर-

  जुलाई 2015  अगस्त 2015 सितम्बर 2015 अक्टूबर 2015
कांउसलिंग 105
150 230 170
कैंप
1
4 2 0
आईईसी
2
4 3 3
बधिरता रोगी 0 100 68 30

 

जैसलमेर –

        1. विकलांगो के लिए संस्थागत स्तर के स्वास्थ्य कॅप 2.

        2. ग्रामीण हाट बाजार में महा विधिक जागरूकता एवं समाज कल्याण कॅप ।

 

जोधपुर-

        1. विशिष्ट जन विद्यालय में जांच एवं थैरेपी।

        2. बच्चो की कांउसलिंग ।

 

टोंक –

        1. ईएनटी सर्जन का संवेदीकरण।

        2. स्ट्रोक दिवस पर आई ई सी।

        3. एएनएम और आशा का आरबीएसके एवं एनपीपीसीडी संवेदीकरण

 

गंगानगर -

 

        1. विशिष्टजनो को आईईसी एवं स्पीच थैरेपी।

        2. बालिका विद्यालय में कॅप एवं बधिरता की पहचान कर विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करना।

        3. अभिभावको की काउंसलिंग ।

        4. ईएनटी ओपीडी में बधिर रोगियो की पहचान।

        5. बधिरो की सूची बनाना।

 

बाडमेर-

  जुलाई 2015  अगस्त 2015 सितम्बर 2015 अक्टूबर 2015 नवम्बर 2015     
एच आई रोगी 40 20 एनजीओ द्वारा कैम्प 80 60
बेरा टेस्ट 7 0 0 0 0
स्पीच थेरेपी 2 10 22 0 10
कांउसलिंग 55 0 5 52 32
कोकलियर इम्प्लान्ट 0 1 0 0 0