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    कार्यक्रम के अन्तर्गत चयनित जिलों (भीलवाड़ा, जैसलमेर जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, नागौर एवं गंगानगर) के समस्त चिकित्सा संस्थान जिसमें सब सेन्टर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर एक दिन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दो दिन एवं जिला चिकित्सालय में सभी सात दिवसो में जैरियाट्रिक ओपीडी प्रारम्भ की गयी है। वर्ष 2011 से नवम्बर, 2015 तक 30,78,922 वृद्ध रोगियों का पंजीकरण किया गया हैं जिसमें 7,66,577 वृद्ध मरीजों की जाँच कर उपचार किया गया।

 

    कार्यक्रम के अंतर्गत सभी सात जिलों में वृद्धजनों की विशेष चिकित्सकीय देखभाल हेतु जिला चिकित्सालयों में जैरियाट्रिक क्लिनिक की स्थापना की गई हैं जिसमें आवश्यक उपकरण एवं दवाईयां उपलब्ध कराई गई हैं तथा सातों चिकित्सालयों में 10 शैय्याओं वाले जैरियाट्रिक वार्ड का निर्माण कराया जाकर संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है।

 

  • अप्रेल 2014 से नवम्बर 2015 तक 13373 रोगियों का भतीं कर उपचार किया गया।
  • नवम्बर 2015 तक 35,878 मरीजों को फिजियोथेरेपी चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा चुकी हैं।
  • वर्ष 2015-16 के स्वीकृत पांच जिलों में जैरियाट्रिक वार्ड के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी हैं।

   

    एनपीएचसीई कार्यक्रम के अन्तर्गत भारत सरकार से कुल राशि रू. 8.85 करोड़ प्राप्त हुये जिनमें राशि रू. 4.14 करोड़ का व्यय किया जा चुका हैं तथा राशि रू. 57 लाख प्रचार-प्रसार, दवाईयां एवं उपकरण हेतु अग्रिम भुगतान किया है।

 

एनपीएचसीई कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित गतिविधियां एवं उपलब्धियां :-

NPHCE स्वीकृत जिलें
वर्ष 2011-12 में स्वीकृत   भीलवाड़ा, जैसलमेर जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, नागौर एवं गंगानगर
वर्ष 2015-16 में स्वीकृत बांसवाड़ा, दौसा, धौलपुर, झुंझुनू ,चूरू