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राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सन् 1982 में प्रारम्भ किया गया था। पूर्व में यह मेडिकल कॉलेज, जयपुर द्वारा संचालित किया जाता रहा है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वास्थ्य भारत सरकार द्वारा एनआरएचएम की पीआईपी में राजस्थान के छः जिलों (चितौड़गढ़, हनुमानगढ़ चुरू झालावाड़, बारा) को सम्मिलित कर कार्यक्रम का सुदृढ़ीकरण किया गया है एवं वित्तीय वर्ष : में सीकर जिले में यह कार्यकम संचालित किया जा रहा है।

 

भारत सरकार द्वारा वितीय वर्ष 2014-15 में स्वीकृत 436.50 लाख व राज्यांश के 145.50 लाखकुल 58200 लाख रूपये प्राप्त हो चुके है एवं वित्तीय वर्ष 2015-16 मे स्वीकृत 54.40 लाख रू, की मे से 37.00 लाख रूपये जिला सीकर के लिये प्राप्त हुये है।

 

कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित उपरोक्त 7 जिलों में निम्नानुसार मैन पॉवर दीक्षित कम्प्यूटर प्रदाता एजेन्सी के माध्यम से ली गई है।

 

S.No Particular of Services (Name of the Post) No. of Post in each District  
1 Psychiatrist 1
2 Clinical Psychologist 1
3 Psychiatric Nurse 1
4 Psychiatric Social Worker 1
5 Community Nurse (Case Manager) 1
6 M & E Officer 1
7 Caser Registry Assistant 1
8 Ward Assistant 1

नोट:- जिला झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बांरा, चुरू एवं सीकर में मनोचिकित्सकों की कमी के कारण मनोचिकित्सक अनुबंध पर उपलब्ध नहीं हो पाये है।

 

  • कार्यक्रम के अन्तर्गत .आईईसी सामग्री के लिए 24.00 लाख रू निदेशक आईईसी को भिजवा है आईईसी सामग्री अपेक्षित है।
  • आवश्यक उपकरण के लिए 6:00 लाख रु एम डी आरएमएससीएल को भिजवा दिये गये है उपकरण अपेक्षित है।
  • आवश्यक दवाईयों के लिए 72.00 लाख रू एमडी, आरएमएससीएल को भिजवा दिये गये है दवाईयां अपेक्षित है।
  • संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आंवटित बजट का 75:00 लाख रू प्रति जिला भिजवाया जा चुका है।
  • मनोचिकित्सा केन्द्र, जयपुर में रखी पुरानी आईईसी सामग्री को सभी जिलों में भिजवा दिया गया है।

 

  • कार्यक्रम का एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है। कार्यक्रम के अन्तर्गत छ: जिलों की जनसंख्या का रैण्डम आधारित (अनुमानित 5 प्रतिशत) सर्वे शुरू कर दिया गया है व अभी तक प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर 1,09,842 व्यक्तियों का सर्वे किया जा चुका है।
  • कार्यकम के अंतर्गत संबंधित एनएमएचपी जिलों के लगभग 341 चिकित्साधिकरियों को 8 समूह में (3जुलाई 2015 से 04 जनवरी 2016) तक प्रशिक्षण दिया जा चुका है व जिला मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी व कार्मिको को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
  • एनएमएचपी जिलों में समस्त एएनएम/आशाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, इसके लिये प्रशिक्षण मद में से एक लाख रू एएनएम एवं पच्चास हजार रू आशा सहयोगिनी की ट्रेनिंग के लिये भिजवाया गया है। (जिलो में लगभग 3000 आशाओं एवं 1540 एएनएम का प्रशिक्षण करवाया जा चुका है।)

 

  • प्रमुख शासन सचिव महोदय के अनुमोदन पश्चात जिला मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन किया जा चुका है
  • मानसिक रोगियों को विकलांगता प्रमाण पत्र/अन्य रियायती प्रमाण पत्र प्रत्येक सोमवार को जारी करने हेतु कार्यकम संचालित 6 जिलों के प्रमुख चिकित्साधिकारियो को लिखा जा चुका है।
  • प्रमुख शासन सचिव महोदय के निर्देशानुसार (5.5.2015) मेंहदीपुर बालाजी में मानसिक रोगियों के उपचार हेतु मनोरोग चिकित्सक के नेतृत्व में डीएमएचपी टीम द्वारा प्रत्येक मंगलवार को मेहंदीपुर बालाजी में केंप का आयोजन सेवक संस्थान, कलकत्ता के सहयोग से किया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों की अनुपालना में दिनांक 28.092015 से सभी जिलों में जिला चिकित्सालय में से एक चिकित्सक को एनएमएचपी के अंतर्गत प्रशिक्षण करवाकर टीओटी बनाया जाकर संबंधित जिलों में पैरा मेडिकल वर्कर/आशा को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु निर्देशित किया जा चुका है।
  • प्रत्येक जिले के जिला चिकित्सालय में 10 बैड का साइकेट्रिक वार्ड बनाने हेतु सभी प्रमुख चिकित्साधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
  • जिन जिलों में मनोचिकित्सक के पद रिक्त है, उन जिलों में अन्य जिलों में अधिशेष मनोचिकित्सक को पदस्थापित/समायोजन करने हेतु प्रस्ताव अति0 निदेशक(राज0) को भिजवाया जा चुका है।
  • विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह (5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2015 तक) मनाने हेतु सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों/प्रमुख चिकित्साधिकारियों ने आयोजित किया। जिसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को आईईसी मद से 10,000 रू आवंटित किये गये एवं एनएमएचपी संचालित 6 जिलों में एनएमएचपी अन्य मद से 50,000 रू की राशि भिजवाई गयी है। जयपुर जिले के लिये एक लाख चालीस हजार रू की राशि आईईसी मद से विशेष रूप से स्वीकृत की गई है।
  • समस्त जिलों में मानसिक स्वास्थ्य सेल का गठन हेतु पत्रावली प्रमुख शासन सचिव को अनुमोदन हेतु प्रेषित की गई है।
  • भारत सरकार के महानिदेशक स्वा0 एवं परिवार मंत्रालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार राज्य में चिकित्सको को एक वर्षीय प्रशिक्षण क़ा पाठयक्रम बनाने के लिये सभी चिकित्सा महाविधालयो के विभागाध्यक्ष (मनोरोग) की बैठक प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता मे दिनांक 14.12.15 को आयोजित की गई है।
  • The Mental Health Act 1987 की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र जारी कर दिया गया है।
  • एनएमएचपी संचालित जिलो से अभी तक अप्रेल 2015 से दिसम्बर 2015 तक 1,36,56,750/- राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजा जा चुका है।
  • राज्य स्तर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नियंत्रण सेल का गठन किया जा चुका है। जिसमें डॉ0 नीरज के0 पवन0, संयुक्त सचिव एवं एएमडी (एनएचएम) अध्यक्ष, डॉ0 रामावतार जायसवाल, राज्य नोडल अधिकारी (एनएमएचपी) सदस्य सचिव, डॉ0 अशोक गोयल (मनोचिकित्सक) व डॉ0 फिजा हसनी (क्लीनिक साईकोलोजिस्ट) सदस्य बनाया गया है।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार को डॉ0 अशोक गोयल, मनोचिकित्सक, डॉ0 इन्द्रा मोर्य, मनोचिकित्सक, डॉ0 राहुल सैनी, क्लीनीकल साइकोलोजिस्ट, कमल कुमार, कम्यूनिटी नर्स व कोलकता एनजीओ सेवक संस्थान के सहयोग से कैम्प लगाये जा रहे है।
  • रामदेव बाबा टेम्पल, कुण्डियास जिला अजमेर मे सीएमएचओ द्वारा एक मनोचिकित्सक मय दवाईयां व एक टीम जयपुर शुक्ल पक्ष की प्रथमा व दशमी को एवं एक एएनएम को प्रतिदिन दो घंटे की सेवाये देने हेतु आदेशित किया हुआ है।
  • छः जिलों श्रीगंगानगर, कोटा, दौसा, टोंक, अलवर, झुन्झूनू मे मानसिक स्वास्थ्य कार्यकम मान महोदय के निर्देशानुसार भारत सरकार से प्रशासनिक स्वीकृति उपरान्त एमडी, एनएचएम द्वारा स्वीकृति पश्चात उपलब्ध मद से लागू किया जा रहा है।
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