toggle-button
राष्ट्रीय कैंसर, ह्रदय रोग, मधुमेह एवं स्ट्रोक नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (NPCDCS)

    राजस्थान में असंक्रामक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिये वर्ष 2010-11 में राष्ट्रीय कैंसर, हृदय रोगं, मधुमेह एवं स्ट्रोक नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (NPCDCS) एवं राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य सेवा कार्यकम (NPHCE) प्रारम्भ किया गया।

 

एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित गतिविधियां एवं उपलब्धियां :-

NPCDCS स्वीकृत जिलें
वर्ष 2011=12 में स्वीकृत भीलवाड़ा, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, नागौर एवं गंगानगर
वर्ष 2013-14 में स्वीकृत अलवर, भरतपुर, टोंक, बारा एवं बांसवाड़ा
 वर्ष 2014-15 में स्वीकृत जयपुर, उदयपुर, दौसा, चुरू, झालावाड़, सवाई माधोपुर एवं राजसमंद
वर्ष 2015-16 में स्वीकृत हनुमानगढ़, झुंझुनू, पाली, चित्तौड़गढ़, धौलपुर  

 

 

  • कार्यक्रम की गाईडलाईन के अनुसार राज्य स्तर पर राज्य एन.सी.डी सैल एवं जिला स्तर पर जिला एन.सी.डी सैल की स्थापना की गयी है जिसमे कार्यकम संचालन एवं प्रंबधन हेतु संविदा स्टाफ नियुक्त किये गये है।
  • गाईडलाईन में स्वीकृति के अनुसार 2-4 शैय्याओं वाले कॉर्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) का निर्माण सभी सात जिलों के जिला चिकित्सालय (भीलवाड़ा, जैसलमेर जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, नागौर एवं गंगानगर) में कराया जाकर उनका संचालन प्रारम्भ कर दिया गया हैं तथा वर्ष 2014-15 में स्वीकृत चुरू जिले में सीसीयू का निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं।
  • असंक्रामक रोगों के निदान हेतु राज्य के 24 जिलों के जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
  • राज्य के 24 जिलों में जिलास्तर पर एन.सी.डी क्लिनिक प्रारम्भ कर दिये गये है तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी एनसीडी क्लिनिक स्थापित किये जा रहे हैं।   
  • एनसीडी क्लिनिक में 34756 रोगियों को परामर्श सुविधाएं एवं 25446 रोगियों को फिजियोथैरेपी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।
  • सभी सात जिलों (भीलवाड़ा, जैसलमेर जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, नागौर एवं गंगानगर) में 30 वर्ष से उपर की जनसंख्या एवं गर्भवती महिलाओं की मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप हेतु स्क्रीनिंग की गयी है, जिसमें दिसम्बर, 2015 तक कुल 5256698 व्यक्यिों की जांच की गयी जिसमें 264566 (5.03%) मधुमेह एवं 228848 (4.35%) उक्त रक्तचाप से ग्रसित पाये गये जिनको चिकित्सकीय उपचार दिया गया तथा 2464 सम्भावित कैंसर के मरिज पाये गए जिनको जांच एवं उपचार हेतु उच्च चिकित्सा संस्था के लिए रैफर कर दिया गया।
  • भीलवाड़ा जिले में भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2011-12 में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 5 से 15 वर्ष के आयु वर्ग के 1 लाख स्कूली बच्चों का School Based Diabetes Screening Checkup Programe के तहत् मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की जांच की गयी है, जिसमें 1351 (1.48%) बच्चो में मधुमेह रोग के प्रारम्भिक लक्षण पाये गये है।
  • कैंसर मरिजों को कीमो थैरिपी हेतु 24 कनिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसन को एवं कालपोस्कोपी के मेडिकल ऑफिसर गायनी तथा पेलेटिव केयर हेतु 123 मेडिकल ऑफिसर को प्रशिक्षण दिया गया है।
  • भारत मे 28 लाख मरिजों की प्रतिवर्ष प्रिविलेन्स एवं 11 लाख नये मरिजों की इन्सिडेंस र लाख प्रतिवर्ष मृत्यु कैंसर के कारण होती हैं।
  • एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के अन्तर्गत भारत सरकार से कुल राशि रू, 21.70 करोड़ प्राप्त जिनमें माह दिसम्बर, 2015 तक राशि रू. 877 करोड़ का व्यय किया जा चुका हैं तथा राशि लाख प्रचार-प्रसार, दवाईयां एवं उपकरण हेतु अग्रिम भुगतान किया है।