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बजट घोषणा

बजट घोषणा

 

वर्ष 2014-15

 

नाहरगढ वन औषधि उधान बारां की स्‍थापना की जायेगी, जिसके लिए 1 करोड 42 लाख रूपये का प्रावधान प्रस्‍तावित है। इस उधान को सार्वजनिक निजी सहभागिता से संचालित किया जायेगा।

 

वर्ष 2015-16

 

10 नवीन योग एवं प्राकृतिक अनुसंधान केन्‍द्रों हेतु भवन निर्माण कराया जाना। 

 

वर्ष 2016-17

 

बिन्‍दु संख्‍या 184

 

1-    वर्ष 2016-17 में शेष रहे तीन जिलों में आंचल प्रसूता केन्‍द्र, 11 जिलों में जरावस्‍था केन्‍द्र 9 जिलों में पंचकर्म केन्‍द्र को प्रारम्‍भ कराना।

2-    6 नये योग प्राकृतिक चिकित्‍सा केन्‍द्रों के निर्माण कराना। (भीलवाडा, भरतपुर बून्‍दी, बांसवाडा, प्रतापगढ, टोंक)

 

बिन्‍दु संख्‍या 185

 

 राज्‍य में आयुर्वेद पद्धति को बढावा देने के लिए हमारी सरकार में राज्‍य कर्मियों के लिए चयनित आयुर्वेद की पंचकर्म के तहत कराये गये उपचार की राशि का पुर्नभरण अनुमत किया गया है।  

 

वर्ष 2016-17

 

238.

 

वर्ष 2017-18 में जयपुर, भरतपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, चित्‍तौडगढ, झालावाड एवं राजसमन्‍द में क्षार सूत्र शल्‍य चिकित्‍सा इकाई प्रारंभ की जायेगी।

 

239.

 

2 नये पंचकर्म केन्‍द्र, जिला मुख्‍यालय धौलपुर तथा प्रताप नगर, जयपुर में संचालित आयुर्वेद चिकित्‍सालय में खोले जायेंगे। साथ ही 2 नये आंचल प्रसूता केन्‍द्र जिला मुख्‍यालय जैसलमेर व बाडमेर में संचालित आयुर्वेद चिकित्‍सालयों में खोले जायेंगे।

 

242.

 

वर्तमान में 31 जिला मुख्‍यालयों पर आयुर्वेद चिकित्‍सालय संचालित हैं जिनमें से 18 जिला आयुर्वेद चिकित्‍सालय घोषित हैं। शेष 13 जिलों में संचालित आयुर्वेद चिकित्‍सालयों को भी जिला आयुर्वेद चिकित्‍सालय का दर्जा दिया जायेगा। साथ ही जिला मुख्‍यालय हनुमानगढ तथा टोंक में नवीन जिला आयुर्वेद चिकित्‍सालय खोले जायेंगे।

 

वर्ष 2018-19:

 

प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्‍सा को प्रोत्‍साहन देने के लिए मैं मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर में निम्‍न पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की घोषणा करती हूं:-

- नर्सिंग कर्मियों की उपलब्‍धता हेतु 20 सीटों वाला बी.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम।

- आयुर्वेद की शल्‍यतंत्र चिकित्‍सा विधा के विस्‍तार हेतु 30 सीटों वाला एक वर्षीय PG diploma course in क्षारसूत्र।

- पंचकर्म चिकित्‍सा विधा को प्रोत्‍साहन के लिए 30 सीटों वाला एक वर्षीय पंचकर्म तकनीकी सहायक diploma course.

- महाविद्यालय के रोग निदान एवं प्रसूति-स्‍त्री रोग’ विभागों की UG से PG में क्रमोन्‍नति।